सेंसेक्स और निफ़्टी क्या है | What is Sensex and Nifty [Share market Index] |Share market terminology in hindi

What is Sensex and Nifty – इस लेख में हम सेंसेक्स और निफ़्टी (Sensex and Nifty ) और शेयर मार्केट से जुड़े शब्दों (Stock Market terms) के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे |

 सेंसेक्स (Sensex) और निफ़्टी (Nifty) क्रमसः BSE और NSE के प्रमुख सूचकांक है | भारत में NSE नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) और BSE (Bombay Stock Exchange) दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है ।

शेयर बाज़ार से जुड़े शब्दों के अर्थ (Share market terminology in hindi)

what is sensex and nifty

Stock Exchange

स्टॉक एक्सचेंज एक तरह का मार्केट होता है जहां पर शेयर खरीदने वाले और शेयर बेचने वाले बालों के बीच शेयर का लेनदेन होता है, निफ्टी और सेंसेक्स (Nifty and Sensex) दोनों भी indices है । सेंसेक्स (Sensex), Bombay Stock Exchange  का मुख्य निर्देशांक है और निफ़्टी (Nifty) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) का मुख्य निर्देशांक है । मुंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड है वही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 1600 से ज्यादा कंपनियां listed है।

शेयर बाजार (Share market) का हाल जानने के लिए सारी कंपनियों को track करना मुश्किल है इसलिए index बनाए गए हैं । भारत में शेयर बाजार का हाल जानने के लिए सारी कंपनियों को ट्रैक करने की जरूरत नहीं है बस निफ्टी और सेंसेक्स (Nifty and Sensex) को देखकर आप पता कर सकते हैं बाजार आज ऊपर है या नीचे ।

जब सेंसेक्स और निफ़्टी हरे निशान में हो तो आप कह सकते हैं शेयर बाजार आज ऊपर है अगर सेंसेक्स और निफ़्टी लाल निशान में हो तो आप कह सकते हैं की बाजार आज नीचे है। यानी निफ़्टी और सेंसेक्स अगर हरे निशान में हैं तो य कल की क्लोजिंग वैल्यू से आज ऊपर है वहीं पर निफ्टी और सेंसेक्स अगर लाल निशान में है तो का मतलब कल की क्लोजिंग value से आज नीचे हैं।

सेंसेक्स और निफ़्टी क्या है (What is Sensex and Nifty)

सेंसेक्स क्या है (Meaning of Sensex in hindi)

सेंसेक्स का मतलब (Sensex meaning in hindi) – सेंसेक्स शब्द Sensitive और Index को मिलाकर बनाया गया है सेंसिटिव से पहले 4 अक्षर और इंडेक्स से अंतिम दो अक्षर लिए गए हैं सेंसेक्स में अलग-अलग क्षेत्रों की 30 बेहतरीन और दिग्गज कंपनियों को शामिल किया गया है यानी सेंसेक्स का मूवमेंट इन 30 कंपनियों के शेयर के मूवमेंट के आधार पर निर्धारित होता है ।

निफ़्टी क्या है (Nifty meaning in hindi)

निफ़्टी National और Fifty शब्द से मिलकर बना है fifty  इसलिए क्योंकि निफ्टी में 50 कंपनियां शामिल हैं यह कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों की बेहतरीन और दिग्गज कंपनियां हैं जिसका मतलब है निफ्टी की मूवमेंट इन 50 कंपनियों के शेयर प्राइस के मूवमेंट के आधार पर निर्धारित होती है । निफ्टी जो NSE का मुख्य इंडेक्स है उसे निफ़्टी फिफ्टी (Nifty50) के नाम से भी जाना जाता है ।

निफ्टी और सेंसेक्स में जो भी कंपनियां चुनी जाती है वे कंपनियां अपने -अपने सेक्टर की लीडर होती हैं ज्यादातर इन कंपनियों को अलग-अलग सेक्टर से चुना जाता है इसलिए निफ्टी और सेंसेक्स का जो परफॉर्मेंस होता है वही स्टॉक मार्केट का परफॉर्मेंस माना जाता है ।

स्टॉक एक्सचेंज के और भी कई सारे indices होते हैं NSE और BSE पर लगभग सभी सेक्टर के indices हैं किसी भी सेक्टर के indices मैं उस सेक्टर की दिग्गज और बेहतरीन कंपनियां शामिल होती हैं । उदाहरण के लिए अगर आपको बैंकिंग सेक्टर का हाल जानना है तो आप NSE और BSE पर बैंक निफ़्टी (Bank Nifty) की परफॉर्मेंस को देखकर बैंकिंग सेक्टर के हाल का पता लगा सकते हैं ।

Stock Exchange पर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के भी indices होते हैं जैसे कि S&P BSE Small cap और S&P BSE Mid cap, NIFTY Mid Cap Fifty इत्यादि जहां पर आप मिडकैप और स्माल कैप का हाल जान सकते हैं ।
अगर निफ्टी और सेंसेक्स में कोई शेयर लगातार खराब परफॉर्म करता रहता है तो उसे निकालकर उसकी जगह किसी अच्छे शेयर को शामिल कर लिया जाता है और यह फैसला एक्सचेंज खुद लेता है ।

Meaning of Share in hindi

शेयर का शाब्दिक अर्थ होता है हिस्सेदारी, यह किसी भी कम्पनी में ली गयी एक छोटी हिस्सेदारी होती है जो आप खरीदते हैं | उदाहरण के लिए अगर आप किसी कंपनी का एक शेयर भी खरीदते हैं तो तो आप उस कंपनी के एक शेयर की वैल्यू के हिस्सेदार हो गए अगर कंपनी अपना मुनाफा अपने निवेशको में बाटेगी तो एक शेयर के अनुसार जो भी मुनाफा होगा वो आपको भी मिलेगा |

 Demat meaning in hindi

Demat का अर्थ होता है dematerilised , पहले शेयर के रूप में आपको कागजो पर लिख कर दिया जाता था अब सभी शेयरओं को डिजिटल फॉर्म में बदल दिया गया है | अब इन शेयरओं को रखने के लिए आपके पास demat account होना चाहिए जिसे आप किसी भी ब्रोकर के यहाँ खुलवा सकते हैं |

Demat account meaning in hindi –

demat अकाउंट आपके बैंक अकाउंट की तरह ही होता है इसमें फिर्क यही है बैंक अकाउंट में आप पैसे रखते हैं जबकि demat अकाउंट में आपके शेयर डिजिटल रूप में रखे जाते हैं |

Portfolio meaning in hindi –

Portfolio का मतलब एक प्रकार की सूची  है शेयर बाज़ार में portfolio निवेशक द्वारा उनके पास रखे गए शेयरओं की सूची से है | उदाहरण के लिए अगर किसी निवेशक के portfolio में 20 शेयर हैं तो इसका मतलब हुवा उनके शेयरओं की सूची 20 शेयरओं की है |

Goodwill meaning  in hindi –

Goodwill का शाब्दिक शब्दों में मतलब है नाम , यह किस भी कंपनी द्वारा अपनी अच्छी service या अपने अच्छे उत्पाद के बदले कमाया हुवा नाम है यह लोगो द्वारा उस कंपनी के प्रोडक्ट में विस्वास को भी दर्शाता है इसका कंपनी को सबसे बड़ा फायदा यह होता है ही बाज़ार में उनके products दुसरे कंपनियों को तुलना में ज्यादा बिकते हैं | उदारहण के लिए अक्सर आपने रेलवे स्टेशन पे या दुकानों पे देखा होगा लोगो को पानी की बोतल चाहिए तो वे बोलते है एक बिसलेरी की बोतल देना , यहाँ दुकान वाला चाहे किसी भी दुसरे कंपनी की पानी की बोतल देगा लेकिन अपने goodwill के चलते जिस पानी की कंपनी के नाम सबसे पहले आया है वह है बिसलेरी |

Sip meaning in hindi

SIP के द्वारा आप किसी भी म्यूच्यूअल फंड में  आसानी से निवेश कर सकते हैं जिसमें आपको यह सुविधा दी जाती है कि आप एक निश्चित राशि, एक निश्चित समय अंतराल में लगातार निवेश कर सकते हैं ।  और यह राशि आप अपनी सुविधा के अनुसार 500 या 1000 या 5000 या ₹50,000  या आपकी मर्जी से तय कर सकते हैं और इस राशि को  आप सप्ताहिक या हर महीने या प्रत्येक 3 महीने पर या फिर अपनी सुविधा के अनुसार   चुन सकते हैं  ।

Trading meaning in hindi

शेयर बाज़ार में कम समय के लिए शेयरओं को खरीदना और बेचना trading कहलाता है इसमें खरीदार निचे की price पे शेयर को खरीदकर ऊपर की price पे शेयर को बेच कर मुनाफा कमाता है |

Traders meaning in hindi

जो लोग trading करते हैं शेयरों की खरीद और बिक्री करते हैं   उन्हें Trader कहा जाता है| 

Auditing meaning in hindi

 Auditiing का मतलब आपके वित्तीय लेखा-जोखे की जांच करना है। इसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट की ओर से आय और खर्च का ब्योरा देखा जाता है। और पता किया जाता है की आपने जानबूझ कर कोई गलती तो नहीं की है | Auditing हर वित्तीय वर्ष यानी हर साल में एक बार तो किया ही जाता है

Mutual fund meaning in hindi

म्यूचुअल फंड जैसा कि इसके नाम से पता चल रहा है कि एक फंड में कई लोगों का पैसा लगाया जाता है. म्यूचुअल फंड में विभिन्न निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया जाता है और इस पैसे को शेयरों और बॉन्ड मार्केट में निवेश किया जाता है. निवेशक को उसके पैसे के लिए यूनिट आवंटित कर दिए जाते हैं. अब इन यूनिट के अनुपात में शेयर या बॉन्ड खरीदने-बेचने पर होने वाले मुनाफे को म्यूचुअल फंड हाउसेज फंड (यूनिट) धारकों में बांट देते हैं |

Equity meaning in hindi

आमतौर पर शेयर बाज़ार में किसी कंपनी के शेयर को equity कहते है equity मूल रूप से किसी कंपनी में हिस्सेदारी को दर्शाता है | इक्विटी का शाब्दिक अर्थ है समानता ।

Broker /Stockbroker meaning

हम शेयर बाजार से direct शेयर नहीं खरीद सकते है इसलिए हम लोगो को किसी कंपनी  या किसी फॉर्म की आवश्यकता होती है  जो हमारे आर्डर को शेयर मार्केट  तक पहुचाने का काम करे , उसे ही स्टॉक ब्रोकर कहा जाता है । स्टॉक ब्रोकर कोई व्यक्ति, कंपनी या कोई फॉर्म  हो सकता है जो स्टॉक एक्सचेंज पर  रजिस्टर होता है । साधारण शब्दों में वैसे फर्म या कंपनी जो हमारे आर्डर को NSE या BSE तक पहुचाते हैं इसके लिए वो कंपनी कुछ फीस लेती है जिसे ब्रोकरेज या दलाली कहते है |

Elss meaning in hindi

ELSS full form – Equity liquid saving scheme (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम)

ELSS Mutual Funds का ही एक प्रकार हैं। जिसका मुख्य उदेश्य निवेशको का टैक्स बचाने के साथ-साथ उसे ज्यादा से ज्यादा रिटर्न्स देना होता है। ELSS म्यूच्यूअल फण्ड का अधिकतर निवेश Equity में होता हैं जिससे उनका रिटर्न अन्य टैक्स सेविंग स्कीम्स के मुकाबले ज्यादा रहता हैं। 

2005 में सेबी (SEBI) और वित्त मंत्रालय ने ELSS Scheme को नई टैक्स सेविंग स्कीम के रूप में नोटिफाई किया था। ELSS Scheme में निवेश करके आप इनकम टैक्स एक्ट – 1961 की धारा 80(c) के अंतर्गत अधिकतम  ₹1,50,000/- तक के निवेश पर छूट प्राप्त कर सकते हैं।

आपने जिस वित्त वर्ष (Financial year) में ELSS में निवेश किया होता है आप उसी वित्त वर्ष के लिए इनकम टैक्स की छूट प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने ELSS स्कीम में F/Y 2018-19 में 20,000 रुपये निवेश किया है तो आप 2018-19  में 20,000 रुपये पर छूट प्राप्त कर सकते हैं।   

Kyc full form in hindi , kyc meaning in hindi

केवाईसी एक प्रोसेस है, इसके अंतर्गत सभी कंपनियां, बैंक, सरकारी योजना, वित्तीय संस्थान अपने- अपने ग्राहकों की पहचान के लिए उनके डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी जमा करते है | इस डॉक्यूमेंट में ग्राहक का नाम, पता, पहचान पत्र से सम्बंधित जानकारी होती है, जिससे भविष्य में किसी भी दुर्घटना होने पर उस व्यक्ति की पहचान की जा सके |

Meaning of share split in hindi

स्टॉक स्प्लिट का मतलब होता शेयर्स का विभाजन, जिस तरह split का हिंदी में मतलब किसी चीज़ का विभाजन होता है ठीक उसी तरह शेयर मार्किट में  स्टॉक स्प्लिट का मतलब शेयर्स का विभाजन होता है ,यह एक  Corporate Action है ,जो स्टॉक मार्किट में लिस्टेड कंपनियों द्वारा इच्छानुसार किया जाता है ,इसका मतलब जरुरी नहीं है की स्टॉक मार्किट में लिस्टेड हर एक कंपनी अपने स्टॉक स्प्लिट करेगी  ,स्टॉक स्प्लिट करने का फैसला कंपनी का निजी फैसला होता है |

जैसे हम stock split example से समझते है ,अगर कोई ABC कंपनी अपने स्टॉक को 1 :1 अनुपात में स्प्लिट करती है तो प्रत्येक व्यक्ति जो उस कंपनी का निवेशक है उसके शेयर्स का 1 :1 अनुपात में विभाजन हो जायगा और उसके प्रत्येक शेयर अब दो शेयर्स में तब्दील हो जायँगे |

Time value of money


जब भी आप अपने पैसे को निवेश करते है अधिकतर समय आपको अपने निवेश से ज्यादा पैसे मिलते हैं मतलब आप जितने ज्यादा समय के लिए अपने पैसे को निवेश करेंगे , समय के साथ हमारी निवेश की हुई राशि बढती जाएगी |मतलब हमारे निवेश किए गए पैसो का मूल्य बढ़ रहा है।
इसलिए हम यह कह सकते है की पैसो का मूल्य समय पर भी आधारित है या पैसो में कुछ समय का मूल्य भी शामिल है जो  Time Value of Money कहलाता है।

Assets meaning in hindi

Assets वैसे goods और services होते हैं जिन्हें भविष्य में रुपयों में मापा जा सकता है| Assets वैसे resource होते हैं जो की किसी भी business में profit यानि की लाभ generate करने में सहायता करते हैं| Assets आपके वैसे समान होते हैं जो की भविष्य में आपको benefit प्रदान करती है |

 Trading account meaning in hindi

जब भी आप अपना demat अकाउंट खुलवाते हैं साथ में आपको trading अकाउंट खुलवाने का भी option दिया जाता है trading अकाउंट का फायदा यह है की साथ में आपको एक trading प्लेटफार्म दिया जाता है जहा से आप खुद से शेयर की खरीद और बिक्री कर सकते हैं |

Debentures meaning in hindi

Debentures को हिंदी में ऋण पत्र कहते है अर्थात कर्ज | कंपनी को अपना व्यापर बढ़ाने के लिए धन की आवस्यकता होती है तब वह धन जुटाने के लिए शेयर जारी कर सकती है लेकिन अगर कंपनी अपनी हिस्सेदारी न बाटना चाहे क्यों की शेयर इशू करना एक तरह से कम्पनी की हिस्सेदारी बेचना है तब वह कम्पनी बैंक से लोन ले सकती है या फिर पब्लिक से पैसे उधार मांग सकती है।

अगर कंपनी लोगो से उधार या ऋण मांगने का फैसला करती है तो इसके लिए कंपनी एक प्रमाण पत्र जारी करना होता है जिसे ऋण पत्र या Debenture कहा जाता है |

What is nav in sip

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के नेट एसेट वैल्यू (Net Asset Value-NAV) का मतलब निवेश की मार्केट वैल्यू से है. म्यूचुअल फंड (MF) में निवेश की प्रति यूनिट के आधार पर नेट एसेट वैल्यू को तय किया जाता है | प्रति यूनिट की NAV निकालने के लिए म्यूचुअल फंड (MFs) के पास जमा कुल रकम समेत पोर्टफोलियो के सभी शेयरों के बाजार भाव के कुल योग में से देनदारियों को घटाने के बाद जो शेष बचता है उसे यूनिट की कुल संख्या से विभाजित करके nav निकाला जाता है | एसेट मैनेजमेंट कंपनी किसी भी फंड की NAV की गणना हर दिन के कारोबार के अंत में करती है. बता दें कि बाजार में मौजूद सिर्फ ETF की NAV मार्केट के साथ-साथ चलती है |

 NAV = (Assets-Liabilities) / Total Number of Units

Mutual fund direct vs regular

        Regular fund –  

Regular fund वह होते हैं जिसमें AMC (Asset management company)/ fund house और इन्वेस्टर के बीच सीधा संबंध न होकर एक midiator होता। mediator कोई एजेंट, एडवाइजर या ब्रोकर हो सकता है। यह mediator उस फंड हाउस के लिए एजेंट के रूप में कार्य करता हैं और बदले में उसे उसका commision मिलता है । यानि इनका कार्य फंड हाउस के प्रोडक्ट बेचना होता है। उदाहरण के लिए इसे एक LIC  एजेंट की तरह समझ सकते हैं |

 AMC इन एजेंट्स को शुल्क, कमीशन का भुगतान करने के लिए निवेशकों से थोड़ा बहुत अतिरिक्त  चार्ज करते हैं जिसे expenses ratio कहा जाता है।

और यह expense ratio की राशि निवेशक को मिलने वाली NAV से ही काटी जाती है ।

Direct fund –

Direct Plans सीधे fund houses या म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी द्वारा निवेशक को पेश किए जाते हैं। यहां कोई mediator, एजेंट या ब्रोकर नहीं होता है। 2013 तक सिर्फ regular plan ही होते थे। उस समय तक direct plan की सुविधा फंड हाउस द्वारा नहीं दी जाती थी।

परंतु जनवरी 2013 से सेबी के दिशा निर्देशानुसार सभी फंड हाउस को Regular Plan के साथ Direct Plan लॉन्च करने को कहा गया।

फण्ड हाउस और निवेशक के बीच कोई एजेंट नहीं होने की वजह से Direct Plans में कोई कमिशन नहीं होता।

Mediator नहीं होने के कारण ही Direct Plans में Regular Plans की अपेक्षा कम expenses ratio होता है। परंतु इसमें निवेश संबंधित सभी कार्य निवेशक को स्वयं करने होते हैं।

Esop meaning

Esop कर्मचारियों के हित में बनाई गई एक लाभकारी योजना है। इस प्लान के तहत कर्मचारी कंपनी के शेयरों का हकदार बन सकता है। अन्य योजनाओं की तुलना में ईएसओपी कर्मचारियों को विशेष लाभ प्रदान करता है। कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़े रखने के लिए भारत तथा विदेशों में कई कंपनियां इस प्लान का उपयोग कर रही हैं। यह तरीका आईटी कंपनियों में सबसे अधिक प्रचलित है।

Stock valuation

Stock वैल्यूएशन किसी कंपनी या उसके स्टॉक के उचित मूल्य का पता करना है. इससे निवेशक शेयर के सही price के बारे में जान पाता है. इससे निवेशक का नफा-नुकसान जुड़ा होता है. कारण है कि अगर आप महंगे में किसी शेयर को खरीदते हैं तो उसका असर रिटर्न पर भी पड़ता है. वहीं, सही दामों पर शेयर को खरीदने पर रिटर्न को बढ़ाया जा सकता है | इस सन्दर्भ में warren buffet का एक कथन बहुत चर्चित है “Price is what you pay. & Value is what you get” यानी जो आप Pay करते हो वो Price होती है और जो बदले में आपको मिलती है वह Value होती है |

Arbitrage funds meaning

यह म्यूचुअल फंड की equity scheme का ही एक भाग है. हालांकि, इसमें फंड का 65 फीसदी हिस्सा ही शेयरों में लगाया जाता है | ऐसे fund मुख्यत: कैश मार्केट और डेरिवेटिव मार्केट में शेयरों के भाव में अंतर का फायदा उढ़ाकर मुनाफा कमाते हैं | शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के दौर में इस फंड का प्रदर्शन बेहतर रहता है. यह उन निवेशकों के लिए सही है, जो ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते हैं |

PE Ratio

कोई शेयर महंगा है या सस्ता, इसका पता लगाने के लिए P E ratio का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पता चलता है कि कंपनी के हर एक रुपये के मुनाफे पर कोई निवेशक उसके (उस कंपनी के) शेयर के लिए कितनी कीमत चुकाने को तैयार है। जिस शेयर का pe ratio कम होता है, उसे सस्ता माना जाता है, जबकि ऊंचे pe वाले शेयर को महंगा माना जाता है । हालांकि, अभी शेयर बाजार की जो हालत है, उसमें पीई रेशियो से बाज़ार का कोई सही अनुमान नहीं निकल रहा है।

PEG Ratio

PE ratio में किसी तरह गड़बड़ी के कारण शेयर चुनने के लिए price to earning growth (PEG) ratio का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। जिन शेयरों का PEG ratio एक से कम है, उन्हें undervalued माना जाता है। वहीं, एक से अधिक PEG ratio वाले शेयर को overvalued माना जाता है । अगर PEG एक हो तो इसका मतलब यह है कि शेयर सही वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

इस लेख में हमने निफ़्टी और सेंसेक्स (Nifty and Sensex) , दोनों स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange), BSE और NSE  और शेयर बाज़ार से जुड़े शब्द (Stock Market terms) के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया है, ये लेख आपको कैसा लगा ? नीचे कमेंट सेक्शन में अपने मूल्यवान विचार अवस्य लिखे, धन्यवाद |

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