SEBI ने 5 अप्रैल को कहा कि इक्विटी शेयरों और कन्वर्टिबल सिक्योरिटी के पब्लिक इश्यू के लिए आवेदन करने वाले इंडीविजुअल निवेशक अब यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए 5 लाख रुपये तक का भुगतान कर सकते हैं

UPI एक इंस्टैंट पेमेंट का सिस्टम है, जिसे नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है। इसकी मदद से कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के खाते में तुरंत पैसे भेज सकता है

सेबी ने 5 अप्रैल को जारी एक सर्कुलर में कहा कि एक मई 2022 को या उसके बाद खुलने वाले पब्लिक इश्यू पर यह नियम लागू होगा

SEBI ने कहा कि निवेशक अगर सिंडिकेट मेंबर, शेयर ब्रोकर, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स, किसी इश्यू के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट के जरिए फॉर्म जमा करते हैं तो उन्हें बोली/आवेदन फार्म में UPI आईडी देने चाहिए

इससे पहले UPI को विकसित करने वाले संस्था नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 5 लाख रुपपे की सीमा के साथ एप्लिकेशन को प्रॉसेस करने की सुविधा की समीक्षा की और इसके बाद यह फैसला लिया गया

क्या होती है कन्वर्टिबल सिक्योरिटी?

जिन सिक्योरिटी को किसी और सिक्योरिटी में बदला जा सकता है, उन्हें कन्वर्टिबल सिक्योरिटी कहते हैं आमतौर कंपनियां कई ऐसे बॉन्ड जारी करती हैं, जिन्हें निवेशक बाद में शेयरों में बदल सकते हैं। इन्हें कन्वर्टिबल बॉन्ड कहते हैं

UPI के जरिए आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए NPCI ने सिस्टम में कुछ बदलावों का सुझाव दिया था और 30 मार्च 2022 तक करीब 80 फीसदी सेल्फ सर्टिफाइड सिंडीकेट बैंकों/स्पॉन्सर बैंकों/UPI ऐप्स ने इन प्रावधानों का लागू कर दिया था