प्रोविडेंट फंड पर कितना लगता है TDS, जानिये EPF Withdrawal पर Income tax के नियम 

अपनी जरुरत को पूरा करने के लिए आप Employee provident fund अकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं लेकिन उसके कुछ नियम हैं आइये जानते हैं उनके बारे 

अगर आप 5 साल से पहले अकाउंट से पैसा निकाल रहे हैं तो इनकम टैक्स (EPF Tax rules) चुकाना होगा. इसके अलावा अलग-अलग वजह से निकासी के नियम अलग हैं

कितना लगता है EPF विड्रॉल पर टैक्स? 5 साल की लगातार नौकरी से पहले अगर EPF अकाउंट से रकम निकाली गई तो इनकम टैक्स के अनुसार आपके मौजूदा इनकम स्लैब के हिसाब से ही इनकम टैक्स (Income tax) चुकाना होगा

EPF सबसक्राइबर को अगर नौकरी करते हुए 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो EPF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होगी. 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है. एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं

लेकिन, 5 साल की अवधि पूरी नहीं होने पर निकाले गए पैसों पर 10 फीसदी TDS लगेगा

50 हजार या इससे ज्यादा अमाउंट है और अवधि पांच साल से कम है तो फॉर्म 15G या 15H जमा कर TDS बचाया सकता है. पैन कार्ड नहीं होने की स्थिति में 30% TDS कटेगा

कब-कब निकाला जा सकता है PF का पैसा

EPF सबसक्राइबर अपने या परिवार के इलाज के लिए EPF का पूरा अमाउंट निकाला (EPF Withdrawal) जा सकता है. इलाज के लिए कभी भी EPF का पैसा निकाला जा सकता है

एजुकेशन के मामले में अपने एम्प्लॉयर से फॉर्म-31 के तहत आवेदन करना होता है. इसमें कुल जमा का 50% पैसा ही निकाल सकते हैं

होम लोन भुगतान के लिए कुल जमा रकम का 90% निकालने की छूट है

शादी के लिए यह लिमिट 50% रखी गई है. सिर्फ रिटायरमेंट के वक्त ही पूरी रकम निकाली जा सकती है 

वहीं, प्री-रिटायरमेंट यानि 54 वर्ष की उम्र में PF बैलेंस में से 90 फीसदी तक रकम निकल सकते हैं, लेकिन यह विड्रॉल सिर्फ एक ही बार होगा

अगर किसी सदस्य की नौकरी छूट जाए तो वह 1 महीने बाद PF अकाउंट से 75 फीसदी तक पैसा निकाल सकता है.