अमेरिका की कार कंपनी फोर्ड ने पिछले साल भारत में अपना कारोबार बंद करने की घोषणा कर दी थी

कंपनी का गुजरात के सानंद में एक प्लांट है जो अप्रैल से ही बंद पड़ा है 

इसे बेचने के लिए कंपनी लम्बे समय से इन्तजार कर रही थी, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला

अंत में Tata Motors ने उनके इस प्लांट को खरीदने की इक्षा जताई, जबकि Tata Motors का पहले से ही गुजरात में कार प्लांट स्थित है 

इसे Tata ग्रुप द्वारा Ford motors के लिए एक एहसान के रूप में देखा जा रहा है, यह पहली बार नहीं है 

इससे पहले 2008 में आर्थिक मंदी के समय Tata Motors ने Ford के JLR brands को खरीद कर कंपनी को दिवालिया होने से बचाया था

जिसके तहत Tata group ने घाटे में चल रहे JLR (Jaguwar Land Rover) को एक profitable business में बदल दिया

Tata motors के विदेशों से अधिकतर कारोबार JLR से आता है , क्योकि विदेशों में टाटा motors के  JLR कारों की बहुत demand है 

Tata motors ने भारत में 1998-99 में कार बनाने की शुरुवात की थी उनका पहला कार इंडिका बाज़ार में पूरी तरह से फ़ैल हो गया था 

उस समय tata ग्रुप ने अपने कार business के बेचने के लिए फोर्ड motors से अपील की थी, 

Ford motors के प्रमुख बिल फोर्ड ने कहा अगर tata को कार के business की समझ नहीं तो उन्हें इस business में नहीं आना चाहिए था  

इस बात से नाराज़ होकर tata ग्रुप ने अपना कार business बेचने से मना कर दिया, और आज वही tata ग्रुप फोर्ड के कारोबार को खरीदकर दूसरी बार उनकी मदद करने जा रहा है