रिजर्व बैंक ने एकबार फिर पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज ऐलान किया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा 

रेपो रेट पहले की तरह 4% पर बरकरार रहेगा। वहीं रिवर्स रेपो रेट 3.35% है 

यह लगातार 11वीं बैठक है जिसमें RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके साथ ही इकोनॉमी के लिए अकोमडेटिव रुख बनाए रखा है 

RBI की पिछली 10 मीटिंग से मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने इंटरेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं किया है 

पिछली बार 22 मई 2020 को रेपो रेट में बदलाव हुआ है। तब से रेपो रेट 4% के ऐतिहासिक लो लेवल पर बना हुआ है 

रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी हर दो महीने पर पॉलिसी रिव्यू मीटिंग करती है। फिस्कल ईयर 2023 की यह पहली रिव्यू मीटिंग है जो 6 अप्रैल को शुरू हुई थी 

फिस्कल ईयर 2023 में RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक 6 बार होगी। अगली बैठक 6 जून से 8 जून को होने वाली है 

फरवरी में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 6.07% पहुंच गई थी जो एक महीना पहले जनवरी में 6.01% थी 

आपको बता दें यह लगातार तीसरा महीना होगा, जब इनफ्लेशन RBI के टारगेट से ज्यादा होगा। आरबीआई ने इनफ्लेशन के लिए 2 से 6 फीसदी की रेंज तय की है

बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "10 फरवरी को एमपीसी के नतीजों के बाद से ब्रेंट क्रूड का प्राइस 21 फीसदी ऊपर है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 6.5 फीसदी चढ़ चुकी हैं

रसोई गैस सिलेंडर 6 फीसदी तक महंगा हो चुका है। कमर्शियल एलपीजी का भाव 12.5 फीसदी बढ़ चुका है। खाने के तेल के भाव करीब 12 फीसदी बढ़ चुके हैं

मार्गन स्टेनली ने कहा था कि आरबीआई 8 अप्रैल को अपनी मौद्रिक नीति में रिवर्स रेपो रेट में 15 से 20 बेसिस प्वॉइंट्स का बदलाव कर सकता है। 1 बेसिस प्वॉइंट का मतलब 0.01 फीसदी है। मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2022-23 में रेपो रेट 1.25 फीसदी बढ़ने का अनुमान जताया था