अगले हफ्ते से भारतीय आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष 2022 के चौथी तिमाही के नतीजो की शुरुवात हो जाएगी, ट्रेडर और इन्वेस्टर दोनों की नजरे इनके आंकड़ों और ट्रेंड पर होंगी

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS वित्त वर्ष 2022 के चौथी तिमाही के नतीजे 11 अप्रैल को जारी करेगी, वहीं Infosys अपने नतीजे 12 अप्रैल को जारी करेगी

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि कंपनियां क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन AI/ML,ब्लॉकचेन जैसी नई टेक्नोलॉजी पर निवेश कर रही है। इससे आनेवाली तिमाही में आईटी कंपनियों की डिमांड में और बढ़त होती नजर आ सकती है

बता दें कि सितंबर-अगस्त एकाउंटिंग कैलेंडर का अनुपालन करने वाली Accenture ने पिछले महीने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे थे

Accenture ने अपनी कमेंट्री में कहा है कि अब तक सिर्फ 30 फीसदी एप्लीकेशन क्लाउंड की तरफ माइग्रेट हुए हैं जिससे इस बात का संकेत मिलता है कि आगे क्लाउड का ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े सौदों की अच्छी संभावना है

एनालिस्ट का मानना है कि चौथी तिमाही में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू कमेंट्री मजबूत रहेगी। इनकी डिमांड पर रूस-यूक्रेन युद्ध और महंगाई का कोई असर नहीं दिखेगा

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चौथी तिमाही में आईटी सेक्टर की टियर II कंपनियां टियर I कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखेंगी

मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है की TCS, Infosys, और Wipro की कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 3.0-3.5 फीसदी के बीच रह सकती है

वहीं एचसीएल टेक की रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 2 फीसदी की ग्रोथ के साथ सबसे कमजोर रह सकती है

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में धीमी ग्रोथ और वेतन बढ़ोतरी के कारण आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है