SEBI : मार्केट रेगुलेटर सेबी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) की पूर्व चीफ एग्जीक्यूटिव चित्रा रामकृष्ण के कार्यकाल में हुई खामियों की पहचान करने के लिए एक समिति का गठन किया है

सूत्रों ने कहा, यह समिति देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज की अंतरिक नियंत्रण प्रणालियों और अनुपालन प्रक्रियाओं से जुड़ी खामियों का आकलन करेगी

मार्केट रेगुलेटर द्वारा गठित समिति बोर्ड, रेगुलेटर और सरकार सहित विभिन्न स्तरों पर खामियों की वजहों की पहचान कर पाने में सक्षम होगी यह समिति

साथ ही यह इन पर रोकथाम और सख्त नियंत्रण के उपाय सुझाएगी, जिससे ये मुद्दे फिर से न खड़े हो सकें

इस समिति की अध्यक्षता सेबी के पूर्व पूर्णकालिक निदेशक और सेबी इनवेस्टर प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड की एडवाइजरी समिति के चेयरपर्सन जी महालिंगम करेंगे

आरबीआई के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक महालिंगम सेबी की एक शैक्षणिक पहल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स के विजिटिंग फैकल्टी मेंबर भी हैं

सेबी (SEBI) ने रामकृष्ण और एनएसई के अन्य अधिकारियों पर गवर्नेंस से जुड़ी खामियों और नियुक्तियों में कांट्रैक्ट के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था

इसमें मुख्य रूप से आनंद सुब्रमण्यन का मामला है, जिन्हें पहले चीफ स्ट्रैटजिक एडवाइजर और बाद में ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर और एमडी का एडवाइजर नियुक्त किया गया था

Co-location case : मार्केट रेगुलेयर ने यह भी कहा कि रामकृष्ण ने एनएसई की वित्तीय और कारोबारी योजनाओं सहित गोपनीय आंतरिक जानकारियां एक रहस्यमयी “हिमालय के योगी” के साथ साझा की थीं

रामकृष्ण फिलहाल इस मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। कोलोकेशन केस की बात करें तो यह चुनिंदा स्टॉक ब्रोकर्स को प्राथमिकता के आधार पर एनएसई के सर्वर की सूचना देकर फायदा पहुंचाने का मामला है। यह मामला 2010 से 2015 से बीच का है

एनएसई डेरिवेटिव ट्रेडिंग के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा एक्सचेंज है और बीते साल इसका औसतन डेली टर्नओवर 2 लाख करोड़ रुपये रहा है 

यह कैश इक्विटीज सेगमेंट ट्रेड्स की संख्या के लिहाज से दुनिया का चौथा बड़ा एक्सचेंज है