IL&FS के 61 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का हुआ निपटान, Uday Kotak ने दी जानकारी

सरकार के देश के सबसे बड़े गैर बैंकिंग इंफ्रा लेंडर आईएलएंडएफएस को उबारने के लिए बैंकर उदय कोटक (Uday Kotak) से कमान संभालने लिए कहा था

साढ़े तीन साल  बाद  मैनेजमेंट ने 347 एंटिटीज पर बकाया 99,355 करोड़ रुपये में से 62 फीसदी यानी 61,000 करोड़ रुपये के रिजॉल्युशन का ऐलान किया है 

मीडिया को संबोधित करते हुए, कोटक ने 2 अप्रैल को छह सदस्यीय बोर्ड के चेयरमैन के रूप में अपना कार्यकाल खत्म होने और सी एस राजन को छह महीने की अवधि के लिए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किए जाने का ऐलान किया 

उदय कोटक ने कहा कि 29 मार्च तक की स्थिति के अनुसार संपत्तियों की बिक्री के जरिये कुल 55,000 करोड़ रुपये के कर्ज का रिजॉल्युशन किया गया, 

नवंबर की शुरुआत में यह आंकड़ा 52,200 रुपये था। कुल 347 इकाइयों में से 248 के मामलों का रिजॉल्युशन हो गया है। 

कोटक ने कहा कि 101 इकाइयों में से कुछ बंद पड़ी हैं। और केवल सरकार ही उनके बारे में निर्णय कर सकती है। 

कोटक ने कहा कि 61,000 करोड़ रुपये के कुल रिजॉल्युशन में से, 21,000 करोड़ रुपये एसेट मोनेटाइजेशन के जरिये पूरी तरह लौटा दिया गया है 

इस रिजॉल्युशन में से सबसे ज्यादा पब्लिक सेक्टर के बैंकों को मिला है, जो सिर्फ ऑपरेटिंग एसपीवी को ही लोन देते हैं 

वहीं, कथित रूप से सतर्क रहने वाले प्राइवेट सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जो एक्सटर्नल क्रेडिट रेटिंग्स के आधार पर लोन देते हैं 

उन्होंने कहा, इसके अलावा ग्रुप के पास इनविट्स (InVits) में 20,000 करोड़ रुपये कैश बैलेंस या कैश इक्विलैंट्स के रूप में मौजूद हैं 

जिसमें से 16,000 करोड़ रुपये का भुगतान जल्द ही कानूनी मंजूरियों के बाद क्रेडिटर्स को कर दिया जाएगा और बाकी 4,000 करोड़ रुपये कंपनी के खर्चों के लिए रखा जाएगा 

तीसरा ग्रुप, कोर्ट में लंबित मंजूरियों के चलते 14,000 करोड़ रुपये के रिजॉल्युशन का इंतजार कर रहा है और इसमें से 7,500 करोड़ रुपये के लिए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है 

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