हाल ही में सरकार ने LIC में IPO के जरिये 3.5 % की हिस्सेदारी बेचीं है 

अब खबर आ रही है की सरकार एक और सरकारी कंपनी हिंदुस्तान जिंक में अपने हिस्सेदारी बेच सकती है

खबर के मुताबिक सरकार hindustan जिंक में अपनी 29.54% की हिस्सेदारी बेचेगी, जिसकी वैल्यू 39,385 करोड़ रूपये आंकी जा रही है 

सरकार की हिस्सेदारी बिकने का बाद हिंदुस्तान जिंक पूरी तरह से एक प्राइवेट कंपनी बन जाएगी

यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी 2002 में सरकार hindustan जिंक में अपनी हिस्सेदारी बेच चुकी है 

साल 2002 में सरकार ने इस कंपनी में अपनी 26% हिस्सेदारी सिर्फ 749 करोड़ रूपये में बेचीं थी

उस समय यह हिस्सेदारी Sterlite Opportunity ने मैनेजमेंट control के साथ खरीदी थी बाद में sterlite ने हिस्सेदारी बढाकर 65% कर ली, जिसके लिए उन्हें 1500 करोड़ रूपये देने पड़े

जानकारों के मुताबिक इस हिस्सेदारी का बाज़ार भाव 1 लाख करोड़ रूपये के करीब था 

एक अनुमान के मुताबिक यह लाखों की डील इस investment कंपनी को कौड़ियों के भाव मिली थी

इसी sterlite कंपनी का आगे चलकर नाम बदलकर Vedant limited कर दिया गया, और hindustan जिंक इसकी एक सहायक कंपनी (Subsidiary company) है