केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) गुरुवार को सभी मिड-डे-मिल और सरकारी राशन की दुकानों सहित सभी सरकारी स्कीमों में फोर्टिफाइड चावल (Fortified Rice) देने या बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस योजना के लिए 2,700 करोड़ के सालाना खर्च का ऐलान कर सकती है। इस योजना का लक्ष्य देश में कुपोषण की समस्या से निपटना है 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को भाषण देते हुए देश के सभी गरीबों को 2024 तक सरकारी स्कीमों के जरिए फोर्टिफाइड चावल देने की योजना का ऐलान किया था

PM ने कहा था, "सरकार अलग-अलग योजनाओं के तहत गरीबों को जो चावल देती है, उसे फोर्टिफाई करेगी और उन्हें पोषणयुक्त चावल देगी

राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो या फिर मिड-डे-मील में मिलने वाला चावल हो, 2024 तक सभी स्कीमों के जरिए मिलने वाला चावल फोर्टिफाई कर दिया जाएगा

क्या होता है फोर्टिफाइड चावल ?

फोर्टीफिकेशन एक प्रक्रिया होती है, जिसके जरिए भोजन में जरूरी पोषक तत्वों को जोड़ा जाता है। ताकि इसे खाने वाले लोगों की सेहत सुधरे और कुपोषण की समस्या दूर हो सके?

अक्टूबर 2021 में जारी एक नोट में कहा था, "चावल के फोर्टिकेशन के जरिए उसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे जरूरी पोषक तत्व जोड़े जाते हैं

यह कम अवधि में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए एक प्रभावी और कम लागत वाली बेहतर रणनीति है

हालांकि हमेशा के लिए कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए किफायती स्वास्थय सेवाओं और अलग-अलग तरह के आहार तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना अहम भूमिका निभाएगा