भारत में अब Cryptocurrency की खरीद-फरोख्त खासी मुश्किल होती दिख रही है

क्रिप्टो एग्रीगेटर कॉइनस्विच कुबेर ने मंगलवार की सुबह अपने एप्लीकेशन पर रुपये से जुड़ी अपनी सभी डिपॉजिट सेवाओं को अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया है

इससे कंपनी के मोबाइल एप्लीकेशन पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ-साथ एनईएफटी/ आरटीजीएस/ आईएमपीएस के जरिये बैंक ट्रांसफर रूट से रुपये में होने वाले डिपॉजिट बंद हो गए हैं

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वजीरएक्स (WazirX), जेबपे (ZebPay) और जिओटस (Giottus) जैसे क्रिप्टो एक्सचेंजेस पर 10 अप्रैल को ट्रेडिंग वॉल्यूम घटकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया था

ई-वालेट मोबिक्विक (MobiKwik) के पिछले कुछ दिनों में वजीरएक्स (WazirX) के प्लेटफॉर्म पर अपनी सेवाएं बंद किए जाने के बाद क्रिप्टो एग्रीगेटर का बिजनेस अनुमानित रूप से 65-90 फीसदी कम हो गया है

फाइनेंस बिल के तहत 1 अप्रैल से क्रिप्टो के लिए टैक्स नियम लागू होने के बाद क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार कमी आ रही है

अमेरिका बेस्ड कॉइनबेस (Coinbase) ने भारत में अपनी ट्रेडिंग सर्विसेज लॉन्च होने के महज तीन दिन के बाद ही यूपीआई पेमेंट पर रोक लगा दी थी

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