पिछले कुछ महीनों में अपने को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) से जुड़े विवादों और उनको कंपनी से हटाने के कारण BharatPe काफी सुर्खियों में रहा है 

वित्त वर्ष 2021 में फिनटेक फर्म भारतपे (BharatPe) का रेवेन्यू 20 गुना बढ़ा है लेकिन फिर भी कंपनी का घाटा 77 फीसदी बढ़ गयाहै

फाइलिंग्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में BharatPe का रेवेन्यू 119 करोड़ रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ 6 करोड़ था

कंपनी का घाटा भी बढ़कर 1,619 करोड़ रुपये हो गया, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में 912 करोड़ रुपये था

कंपनी के खर्च में 93 फीसदी का इजाफा इसके घाटे में बढ़ोतरी के पीछे अहम वजह रही, कंपनी ने बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने को लेकर वित्त वर्ष के दौरान तेजी से खर्च किया

वित्त वर्ष 2021 के दौरान कंपनी का खर्च 1,804 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में 934 करोड़ रुपये रहा

कंपनी को कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस (CCPS) की फेयर वैल्यू में बदलाव से 1,342 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष में 705 करोड़ रुपये था

अगर इसे भी जोड़ दें तो कंपनी को वित्त वर्ष 2021 में कुल 2,961 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है

BharatPe के सीईओ सुहैल समीर ने बताया कि कंपनी ने मार्च 2022 में अपनी अब तक की सबसे रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की, हमने सभी सेगमेंट में 15 से 40 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है

सुहैल समीर ने यह भी कहा कि कंपनी जल्द ही घाटे से बाहर आने की राह पर है और वह अगले 18 से 24 महीनों में अपना आईपीओ (BharatPe IPO) लाने की भी तैयारी कर रही है

BharatPe दुकानदारों को क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल पेमेंट की सुविधा देती है। साथ ही वह दुकानदारों को कर्ज भी देती है। अब कंपनी की मौजूदगी 225 शहरों में है

कंपनी के प्लेटफॉर्म से अब 80 लाख से अधिक मर्चेट जुड़े हैं। 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में इनकी संख्या 50 लाख थी

BharatPe पिछले कुछ समय से अशनीर ग्रोवर से जुड़े विवादों के कारण सुर्खियों में है। अशनीर ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन पर कंपनी की गवर्नेंस ऑडिट में पैसों की हेराफेरी के आरोप के कारण कंपनी से हटा दिया था

अशनीर ग्रोवर ने 28 फरवरी की देर रात कंपनी से अपना इस्तीफा दिया था। वहीं इसके एक दिन बाद उनकी पत्नी को भारतपे के हेड ऑफ कंट्रोल्स पद से हटा दिया गया था

हालांकि अशनीर और उनकी पत्नी ने हमेशा यह कहा है कि उन्हें गलत आरोपों और अनुचित तरीके से कंपनी से निकाला गया है उन्होंने कई बार सीईओ सुहैल समीर और चेयरमैन रजनीश कुमार को इसके लिए दोषी ठहराया है