सरकार देश में 5G के विस्तार की तैयारियों में जुटी है लेकिन इसके लिए क्या प्रयाप्त इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं ?

5G को सफलता पूर्वक चलाने के लिए telecome कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा टावर्स चाहिए साथ ही फाइबर का जाल बिछाने की भी जरुरत है जिसके लिए भारी निवेश चाहिए

जो 5G रोल आउट में  सबसे बड़ी बाधा नजर आ रही है  इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को अगले 4 साल में करीब 5 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत पड़ेगी

टेलीकॉम कंपनियों की संस्था COAI के मुताबिक उन्हें टावर्स को फाइबर से लैस करने के लिए 2.2 लाख करोड़ और 4 साल में 15 लाख टावर लगाने के लिए 2.5 लाख करोड़ निवेश की जरूरत पड़ेगी

ऐसे में ये सवाल लाजमी है कि क्या भारतीय टेलीकॉम कंपनियों के पास 5G इंफ़्रा पर खर्च करने के लिए इतना फण्ड है?

टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत वर्तमान में कई देशों से पीछे चल रहा है 

आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका जापान और चीन जैसे देशों में 80-90% टावर्स फाइबर से लैस हैं वही भारत में ये अनुपात करीब 33% है

जानकारों का मानना है कि देश में कई गुना बढ़ता डाटा कंजम्पशन टेलीकॉम कंपनियों के लिए भारी कमाई का संकेत देता है लेकिन बड़े मुनाफे के लिए telecome कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा खर्च भी करना पड़ेगा