SEBI क्या है | Role of Sebi in Indian Share Market

SEBI क्या है (what is sebi), Sebi full form, Sebi के कार्य, Chairmen of Sebi कौन है, Objective of Sebi, Sebi full form in hindi

भारतीय शेयर बाज़ार में सेबी की आवश्यकता क्यों पड़ी ? आज के इस लेख में हम इन्ही तमाम विषयो पर चर्चा करेंगे |

भारत में  1970 के दसक के अंत तक कैपिटल मार्किट उभरने लगा | लोगो की रूचि शेयर बाज़ार की तरफ बढ़ने लगी | शेयर बाज़ार में बढ़ी लोकप्रियता के साथ – साथ कुछ अनौपचारिक घटनाये भी बढ़ने लगी जैसे  शेयर कीमतों में हेराफहेरी, इनसाइडर ट्रेडिंग, शेयरओ की डिलीवरी देने में देरी, स्टॉक एक्सचेंज के नियमो का उलंघन जैसे कई मामले सामने आने लगे |

इन सभी घटनाओ के चलते आम लोगो के में शेयर मार्केट के प्रति विस्वास की कमी नजर आने लगी | तब जाकर भारत सरकार ने इन हो रही घटनाओ पर रोक लगाने और निवेशको ही हित की रक्षा  के उदेश्य से  सन 1988 में एक गैर- संवेधानिक निकाय के रूप में एक संस्था को स्थापित किया, जिसका मुख्यालय मुंबई में रखा गया |

What is Sebi, Role of Sebi in Indian Share Market

सेबी क्या है ? (What is sebi in hindi)

सेबी की अधिकारिक वेबसाइट (SEBI Official website) : https://www.sebi.gov.in/

Sebi full formSecurities and Exchange board of India

Sebi meaning in hindi भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड

SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) भारत की एक स्वायत्त संस्था है जिसकी स्थापना पूंजी बाज़ार में होने वाली गतिविधियों की निगरानी करने के मकसद से किया गया था इसका मुख्य उदेश्य पूंजी बाज़ार के निवेशको के हितो की रक्षा करना हैं इसके अलावे पूंजी के निर्गमन, प्रतिभूतियों के हस्तांतरण तथा अन्य संबंधित मामलो पर भी नज़र रखना है |

सेबी की स्थापना कब हुई ? (SEBI Established)

अप्रैल 1988 में सेबी का गठन भारत सरकार के एक प्रस्ताव के तहत पूंजी बाज़ार पर नजर रखने के उदेश्य से किया गया था | शुरुवात में सेबी को वैधानिक शक्तिया प्राप्त नहीं थी | फिर सन 1992 में भारतीय संसद द्वारा सेबी एक्ट 1992 के तहत सेबी को कुछ शक्तियां प्रदान की गयी जिसके द्वारा अब यह बेहतर तरीके से पूंजी बाज़ार को नियंत्रित रख सकता है | सेबी के क्षेत्रीय कार्यलय अहमदाबाद, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में स्थापित किये गए |

सेबी का  गठन

Sebi board में कुल 9 सदस्य शामिल होते हैं जिसमे भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा एक  सदस्य की नियुक्ति होती है , केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा दो सदस्य नियुक्त किये जाते हैं और भारत सरकार द्वारा एक अध्यक्ष और पांच सदस्यों की नियुक्ति की जाती है | इन पांच सदस्यों में से 3 फुल टाइम सदस्य के रूप में कार्य करते हैं |

वर्तमान में अजय त्यागी सेबी के चेयरमैन ( Chairmen of Sebi ) हैं जिन्हें 10 जनवरी 2017 में नियुक्त किया गया था जिनका कार्यकाल 18 महीने बढाकर फ़रवरी 2022 तक कर दिया गया है |

सेबी के कार्य (Functions of Sebi)

Sebi के  निर्धारित कार्य निम्नलिखित हैं —

  • सेक्योरिटीज मार्केट में निवेशको के हितों का संरक्षण तथा सिक्योरिटीज मार्केट को उचित उपायों के माध्यम से विनियमित एवं विकसित करना।
  • इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाना।
  • शेयर बाज़ार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना तथा निवेशकों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
  • शेयर बाज़ार से सम्बंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों (Unfair Trade Practices) को समाप्त करना।
  •  शेयर ब्रोकर को लाइसेंस प्रदान करने का कार्य भी सेबी करता है अगर कोई ब्रोकर गड़बड़ी करता हुआ पाया जाता है तो सेबी उसका लाइसेंस रद्द भी कर सकता है |
  • म्यूचुअल फण्ड की सामूहिक निवेश योजनाओ को पंजीकृत करना तथा उनका नियमन करना।
  • स्टॉक ब्रोकर्स, सब-ब्रोकर्स, शेयर ट्रान्सफर एजेंट्स, ट्रस्टीज, मर्चेंट बैंकर्स, अंडर-रायटर्स, गोल्ड एक्सचेंज, पोर्टफोलियो मैनेजर आदि के कार्यो का नियमन करना एवं उन्हें पंजीकृत करना।

सेबी की भूमिका (Role of Sebi in Indian Share Market)

  • सेबी अधिनियम 2002 (SEBI Act 2002) शेयर बाजार में गड़बड़ियों के दोषियों को अधिक कठोर सजा के लिए सेबी को व्यापक अधिकार उपलब्ध कराता है।
  • इस अधिनियम के अंतर्गत insider trading के लिए सेबी द्वारा 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
  • लघु निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में एक लाख रुपये प्रतिदिन की दर से, एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है |
  • इसके बाद 2013  में सेबी की नियामक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए राषट्रपति द्वारा एक अध्यादेश जारी किया गया |
  • विभिन्न योजनाओं के जरिये पूँजी जुटाने के नये-नये तरीकों, जो अभी तक ‘सेबी’ के दायरे में नहीं आते थे, अब ‘सेबी’ के दायरे में आयेंगे।
  • लोगो से 100 करोड़ रुपये से अधिक धनराशी जुटाने वाली सभी योजनायें अब ‘सेबी’ के दायरे में लायी गयीं हैं।
  • सेबी को धोकाधरी के लिप्त व्यक्तियों या संस्था की जांच, जब्ती व संपत्ति कुर्क करने का अधिकार है।
  • नियमों का पालन नहीं करने वालों को हिरासत में लेने का अधिकार भी सेबी को दिया गया है।

सेबी से जुड़े प्रश्न और उत्तर (FAQ)

प्रश्न : किस सेबी एक्ट के तहत सेबी का गठन कब हुआ था?

उत्तर: सेबी एक्ट 1992 के प्रावधानों के अनुसार सेबी की स्थापना 12 अप्रैल 1992 को हुई थी |

प्रश्न : वर्तमान में सेबी के अध्यक्ष कौन हैं?

उत्तर: वर्तमान में सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी है | (तिथि २३-७-२०२१ को जब लेख लिखा गया)

प्रश्न : SEBI की स्थापना कब है?

उत्तर: सेबी की स्थापना 12 अप्रैल 1992 को हुई थी |

प्रश्न : पूंजी बाजार में सेबी की क्या भूमिका है?

उत्तर: सेबी हमारे देश के पूंजी बाज़ार का समुचित नियमन एवं नियन्त्रण करता है । विस्तार पूर्वक जानकारी ऊपर दी गयी है |

प्रश्न : वर्तमान में SEBI मे कितने Stock Exchange पंजीकृत है?

उत्तर: वर्तमान में भारत में 8 एक्टिव स्टॉक एक्सचेंज हैं इससे पहले कई क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज थे जो अब बंद हो चुके हैं |

प्रश्न : सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

उत्तर:  सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष तक होता है

प्रश्न : पूंजी बाजार को कौन नियंत्रित करता है?

उत्तर: सेबी को पूंजी बाज़ार को नियंत्रित करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है |

प्रश्न : सेबी से शिकायत कैसे करें?

उत्तर: निःशुल्क निवेशक सहायता सेवा: 1800 266 7575 पर जाये |

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