Post office saving schemes: जाने डाकघर बचत योजनाओं के बारे में विस्तार से

Post office saving schemes: समय के साथ – साथ लोगों में निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ी है और आज निवेश के बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं लेकिन फिर भी देश की एक बड़ी आबादी आज भी पोस्ट ऑफिस में अपने पैसों का निवेश करना पंसद करती है | दरअसल पोस्ट ऑफिस में जमा किये जानें वाले पैसों की गारंटी सरकार लेती है | जबकि बैंक में जमा पैसे को पूरी gaurantee नहीं होती, यदि किसी कारणवश बैंक में कोई डिफाल्ट हो जाये, तो इसके लिए डीआईसीजीसी (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation-DICGC) एक संस्था है जो  बैंक ग्राहकों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की गारंटी देती है |

पोस्ट ऑफिस में जमा पैसों पर सरकार की जिम्मेदारी होती है, इसलिए यदि आप अपने पैसों को बिना किसी जोखिम के किसी अच्छी जगह निवेश करना चाहते है, तो डाकघर बचत योजनाओं में निवेश करना एक अच्छा विकल्प है |

 आज हम आपको डाकघर बचत योजना 2022 के बारें में पूरी जानकारी देंगे |

डाकघर बचत योजना 2022 (Post Office Savings Schemes)

डाकघर बचत योजना कहे या पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स (Post Office Saving Schemes)दोनों एक ही है | डाकघर की बचत योजनाओं पैसे निवेश करनें पर इन्वेस्टर को ठीक-ठाक इंटरेस्ट  रेट के साथ ही और भी कुछ लाभ प्रदान किये जाते है |

post office saving schemes
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इन योजनाओं के एक फायदा यह है कि, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स से ब्याज के साथ पैसा मिलनें के साथ ही आपको इनकम टैक्स एक्ट (IncomeTax Act) के सेक्शन 80 C के अंतर्गत टैक्स में छूट (Tax Exemption) दी जाती है |

पोस्ट ऑफिस द्वारा विभिन्न प्रकार योजनाये चलाई गयी है जिनमे से प्रमुख हैं –

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS /Post Office Monthly Income Scheme)

 रेकरिंग डिपॉजिट (RD),

 नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC),

 पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF),

 फिक्स डिपाजिट (FD)

इन सभी योजनाओं को चलाये जाने का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को पैसों की बचत के साथ-साथ उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह अपनी सभी जरूरतों को बगैर किसी की मदद लिए पूरा कर सके |

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS /Post Office Monthly Income Scheme)

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) भारतीय डाक सेवा की एक निवेश योजना है। इसमें आपको निश्चित मासिक आय के रूप में 6.60% वार्षिक की दर से ब्याज दिया जाता है।

जानकार निवेशक एमआईएस (MIS)  को स्मार्ट निवेश योजनाओं में से एक मानते हैं, क्योंकि इसमें आपको कोई जोखिम नहीं रहता, साथ में अच्छा return और हर महीने एक निश्चित मासिक आय का आश्वासन दिया जाता है।

कुछ निवेशक अक्सर पोमिस (POMIS) में निवेश करने से कतराते हैं। भारत में पोस्ट ऑफिस के माध्यम से ही में बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत हुई और यह अभी भी देश में सबसे बड़ा बैंकिंग सेवा प्रदाता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा प्रशासित होने के कारण यह किसी भी अन्य प्रकार के निवेश की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय है।

फिक्स्ड डिपाजिट  (FD/Fixed Deposit)

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) में निवेश कर आप लम्बे समय में अच्छा ब्याज प्राप्त कर सकते है | हालाँकि विभिन्न बैंकों द्वारा भी फिक्स्ड डिपाजिट अर्थात एफडी योजनायें संचालित की जा रही है परन्तु बैंकों की तुलना में पोस्ट ऑफिस आपको अधिक ब्याज प्रदान करता है |

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) में पैसा निवेश करने की अवधि 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की होती है| वर्तमान में फिक्स्ड डिपाजिट ब्याज दर 5.5% से 6.7% तक है। भुगतान किए गए FD ब्याज पर कर कटौती (TDS) लगाया जाता है। इस जमा योजना में निवेश करने से धारा 80सी के तहत कर लाभ प्रदान किया जाता है।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC/National Savings Certificate)

पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (National Savings Certificate -NSC) भी शामिल है | पोस्ट ऑफिस के द्वारानेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश करने पर आपको वर्तमान में 6.8% ब्याज दर की पेशकश की जा रही है |

एनएससी पोस्ट ऑफिस की 5 साल अवधि है | डाकघर की इस बचत योजना में आप निवेश कर टैक्स भी बचा सकते है | एनएससी को आप कम से कम 100 रुपये के निवेश शुरू कर सकते है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा निर्धारित नही है |

रेकरिंग डिपाजिट (RD/Recurring Deposit)

आपने कई बार रेकरिंग डिपाजिट या डाकघर आवर्ती जमा अर्थात पोस्ट ऑफिस आरडी का नाम अवश्य सुना होगा | दरअसल यह एक मासिक निवेश योजना है, जिसमें आपको 5 वर्षों तक प्रति माह एक निर्धारित राशि जमा करनी होती है |

 पोस्ट ऑफिस द्वारा वर्ष 2022 के लिए रेकरिंग डिपाजिट के अंतर्गत ब्याज की दर 5.8 प्रतिशत निर्धारित की गयी है |

इस स्कीम में आप कम से कम 100 रुपये से निवेश करना शुरू कर सकते है | जबकि आवर्ती जमा अर्थात Recurring Deposit (RD) के लिए अधिकतम निवेश की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (PPF/Public Provident Fund)

1968 में वित्त मंत्रालय के राष्ट्रीय बचत संस्थान द्वारा पीपीएफ योजना की शुरुवात की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों को छोटी बचत करने और बचत पर रिटर्न प्रदान करने में मदद करना है।

सार्वजनिक भविष्य निधि सेवानिवृत्ति बचत के लिए लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है। यह EPF (employee provident fund) से पूरी तरह अलग है, कुछ लोग दोनों को एक ही मान लेते हैं |

 इस स्कीम के अंतर्गत आपको अपने पैसे को 15 वर्षों के लिए निवेश करना होता है अर्थात इस बचत योजना की समय अवधि 15 वर्ष निर्धारित की गयी है |

इस स्कीम में पैसे निवेश करने पर आपको ब्याज दर 7.1 प्रतिशत की दर से दिया जाता है | इस स्कीम में आप कम से कम 500 रूपये और अधिक से अधिक 1 लाख 50 हजार रुपये प्रति वर्ष निवेश कर सकते है |

इसके अलावा, निवेशकों को ऋण सुविधा मिलती है और आंशिक निकासी भी कर सकते हैं।

प्रश्न-उत्तर (FAQ)

डाकघर मासिक आय योजना (POMIS) की ब्याज दर क्या है ?

6.60% वार्षिक

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) की ब्याज दर क्या है ?

6.8%

पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (PPF) की ब्याज दर क्या है ?

7.1%

निष्कर्ष:

सरकार ने आम जनता को सुरक्षित अवसर प्रदान करने के लिए छोटी बचत योजनाएं शुरू की हैं। वे उन निवेशकों के लिए आदर्श हैं जो छोटी बचत, लंबी अवधि और उच्च रिटर्न देने वाली योजनाओं में निवेश करना चाहते हैं। ये विकल्प निवेश को सुरक्षित रखते हुए आकर्षक रिटर्न प्रदान करते हैं। साथ ही योजनाओं को प्रबंधित करना काफी आसान है.

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