IPO क्या है, IPO के लिए कैसे apply करें | What is IPO in hindi, how to apply

IPO kya hai : जब कोई कंपनी पहली बार पब्लिक को अपने शेयर बेचती है तो उसे आईपीओ (IPO) कहते हैं  । आईपीओ में कंपनी लोगों में अपने शेयर को बेचती है और उन शेयर के बदले उनसे पैसा उठाती है  इस तरह कंपनी को फंड मिल जाता है और निवेशक (Investor)  जो उस कंपनी के शेयर को खरीदते हैं वे  उस कंपनी में हिस्सेदार  शेयर होल्डर्स  हो जाते हैं ।

 

IPO क्या है (What is IPO in hindi)

IPO full form – Initial Public Offering)

उदाहरण के लिए 2017 में डी मार्ट (DMart) जो कि एक सुपर मार्केट  चेन है   उसकी पैरंट कंपनी न्यू सुपर मार्ट का आईपीओ (New Super Mart IPO) आया था जिसने आईपीओ के जरिए अट्ठारह सौ 70 करोड़ का फंडरेज किया था । और उसके बदले में कंपनी के 10% शेयर बेचे गए थे ।

 इसका मतलब है   1870 करोड़ रुपए के बदले में  एवेन्यू सुपरमार्ट (Avenue Supermart) ने अपने कंपनी में 10% हिस्सेदारी अपने निवेशक (Investor) को दी है । इस तरह जिन लोगों ने एवेन्यू सुपरमार्ट में निवेश (Investment in Avenue Supermart) किया है वह उस कंपनी के शेयर होल्डर बन गए ।

कंपनी आईपीओ क्यों लाती है ? (why company goes for ipo)

कंपनी आईपीओ    मुख्यत:  फंड जुटाने के लिए लाती है पैसे जुटाने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि
एक्सपेंशन( Company Expansion) या कंपनी का  विस्तारीकरण करने के लिए, कर्ज कम करने के लिए (To reduce debt),  नए प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को लाने (To launch new products and services) के लिए इत्यादि ।

एवेन्यू सुपरमार्ट ने  कर्ज कम करने के लिए और कंपनी के  विस्तारीकरण  के लिए पैसे जुटाए (Fundraise) थे  । इस तरह हर कंपनी के आईपीओ लाने के और फंडरेज करने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं । कंपनी पैसा क्यों उठाना चाहती है  इसकी जानकारी आपको कंपनी के रीड  हियररिंग प्रोस्पेक्टस को  पढ़ केमिलती है ।

इसमें आपको आईपीओ लाने वाली कंपनी के छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी बहुत सारी जानकारी  मिलती है । जैसे कि बिजनेस डिटेल्स,  कैपिटल स्ट्रक्चर,  रिस्क फैक्टर,  प्रमोटर्स एंड मैनेजमेंट पास्ट फाइनेंसियल डाटा इत्यादि |

 ऐसी बहुत सी जानकारी आपको  हियररिंग प्रोस्पेक्टस पढ़कर मिलती है । आईपीओ लाने वाली कंपनी का रेड हियररिंग प्रोस्पेक्टस आपको SEBI   की वेबसाइट sebi.gov.in  पर मिल जाएगा   ।
 

Key Terms Used In IPO

IPO दो तरह के होते हैं-


फिक्स्ड प्राइस  इशू  (Fixed Price Issue) और बुक बिल्डिंग इशू ( Book Building Issue)

फिक्स्ड प्राइस  इशू  क्या है (What is Fixed Price Issue)


फिक्स्ड प्राइस  इशू  में कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंक के साथ मिलकर शेयर का एक  फिक्स्ड प्राइस तय करती है । और फिर कंपनी उसी फिक्स प्राइस पर  इन्वेस्टर को अपने शेयर ऑफर करती है और  फिर  इन्वेस्टर को  उस कंपनी के शेयर आईपीओ में उसी फिक्स प्राइस पर सब्सक्राइब करने होते हैं ।

उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी ने अपने शेयर की कीमत फिक्स्ड प्राइस  इशू में  200 रुपये तय की  है तो इन्वेस्टर को उस कंपनी के आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए उसी 200 रुपये / शेयर पर  आईपीओ (IPO) को सब्सक्राइब करना पड़ेगा ।

बुक बिल्डिंग इशू क्या है ( What is Book Building Issue In hindi)


बुक बिल्डिंग इशू में कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंक के साथ मिलकर एक प्राइस बैंड (Price Band)  तय करती है और उस प्राइस बैंड में  इन्वेस्टर को अपना बिल सबमिट करनी करना होता है

एवेन्यू सुपरमार्ट् का आईपीओ (Avenue Supermart IPO) भी बुक बिल्डिंग  इशू था   एवेन्यू सुपरमार्ट् के आईपीओ में प्राइस बैंड
295 रुपये से 299 रुपये था ।

 इस बैंड में जो सबसे निचली प्राइस होती है उसे फ्लोर प्राइस (Floor Price) कहा जाता है और जो सबसे ऊंची प्राइस होती है उसे  कैप प्राइस (Cap Price) कहते हैं ।

 एवेन्यू सुपरमार्ट के आईपीओ में 295 सबसे निचली प्राइस थी जो उसकी फ्लोर प्राइस थी वहीं पर 299 सबसे ऊंची प्राइस थी जो कैप प्राइस (Cap Price) थी |

What is Floor Price and Cap Price

फ्लोर  प्राइस और कैप प्राइस में अधिकतम अंतर 20% तक हो सकता है एवेन्यू सुपरमार्ट के  केस में यह अंतर 1.3% ही था  । IPO 3 से 10 दिन के लिए खुला रहता है  और प्रायः 3 दिन के लिए ही खुला रहता है इस समय अवधि (Time Period) में इन्वेस्टर को शेयर खरीदने के लिए अप्लाई करना पड़ता है |

अगर कोई  आईपीओ fixed price IPO  है तो जो भी उस आईपीओ की fixed price होगी उसी पर आपको शेयर को खरीदने करने के लिए अप्लाई करना पड़ेगा ।

 अगर वह Book Building IPO  है तो उस आईपीओ की जो भी प्राइस बैंड होगी उनमें आप किसी पर भी  बीड लगा सकते  हैं और ऐसा भी नहीं है कि अगर आपने बीड लगाई है तो आपको शेयर मिल ही जाएगा इसके लिए एक एलॉटमेंट की प्रोसेस होती है ।

आईपीओ में कैसे अप्लाई करें (How to Apply for an IPO)

पहले आप आईपीओ में तभी अप्लाई कर सकते थे जब आपके full time सर्विस ब्रोकर का demat अकाउंट होता था या आप online netbanking के जरिये अप्लाई कर सकते थे | परन्तु आज सभी ब्रोकर अपने trading प्लेटफार्म से IPO apply करने की सुविधा देते हैं |

 अगर आपके पास किसी भी ब्रोकर का demat account है तो आपको नए आने वाले IPO का notification आ जायेगा | और आप अपने trading प्लेटफार्म में login होकर IPO के लिए apply कर सकते हैं |

  •  आईपीओ में apply करने के लिए निवेशको को तीन category में बाटा गया है – Retail, HNI investor और संस्थागत निवेशक (FIIS and DIIS) 
  • IPO में 2 लाख रूपये तक के निवेश को retail category में रखा गया है  रिटेल कोटा में निवेश करना  फायदेमंद होता है क्योंकि  सेबी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया हैं की रिटेल निवेशको को ज्यादा से ज्यादा आवंटन प्राप्त हो और retail सेगमेंट में आवंटन पाने की संभावना बहुत अधिक होती है। 
  • आप Offline तरीके से या Online तरीके से  IPO के लिए बोली लगा सकते हैं। 
  • Offline तरीके  में, फॉर्म खुद से भरना होता  है और ipo banker या आपके broker के पास form को सबमिट किया जाता है।
  •  online ipo apply करने की प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया गया है |  वास्तव में, IPO online application  सबसे पसंदीदा mode हो गया  है।
  • Book built ipo में 10- 12 दिनों में allotment की प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाता है और उसके बाद कुछ दिनों के भीतर शेयर आपके डीमैट account में क्रेडिट हो जाता है। 
  • एक बार शेयर आपके डीमैट अकाउंट में आ जाता है  और स्टॉक एक्सचेंजों पर list हो जाता है, तो आप शेयरों को बेचने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं।  आपको इन शेयरों को बेचने के लिए एक ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता होती है। जिसे आप अपने ब्रोकर से प्राप्त कर सकते हैं |

What is ASBA in IPO in hindi ( ASBA क्या है ?)

IPO में apply करने के लिए SEBI ने एक सुविधा उपलब्द करा रखी है जिसे ASBA कहा जाता है | ASBA का हिंदी मतलब होता है (अवरुद्ध राशियां द्वारा समर्थित अनुप्रयोग) |

ASBA IPO का फायदा यह होता है कि allotment मिलने तक आपको ipo के लिए चेक जारी करने या किसी भी पैसे के भुगतान की जरुरत नहीं होती है |

आपके आवेदन की सीमा तक की राशि आपके बैंक अकांउट से और आवंटन दिन पर अवरुद्ध होती है, राशि केवल आवंटित शेयरों की सीमा तक निकाली जाएगी। 

इसका मतलब यह हुआ कि यदि आपने 1लाख रुपये के शेयरों के लिए आवेदन किया है और आपको सिर्फ 50,000 रुपये के लिए allotment मिला है, तो आपके खाते में केवल 50,000 रुपये डेबिट होंगे और शेष राशि  बैंक अकांउट से निकाल दिया जाता है।

पिछले 10-5 सालों में आईपीओ आवेदन प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। इस प्रक्रिया से पुरे देश में कई retail निवेशक जागरूक हुए हैं |

IPO से सम्बंधित प्रश्न – उत्तर (FAQ)

क्या आईपीओ को खरीदना चाहिए ?

IPO  निवेश करने के लिए अच्छा विकल्प है, लेकिन आपको यह जरूर पता होना चाहिए कि हर आईपीओ निवेश के उचित नहीं होते हैं। आईपीओ में apply करने से पहले आपको उस कंपनी के बारे में पता होना चाहिए, कंपनी के बारे में पूरी जानकारी लेने का प्रयास करे | आप अगर लिस्टिंग के दिन मुनाफा कमाने के उदेश्य से ipo में apply कर रहे हैं तो परा करे के ipo प्रीमियम पर list होगा या नहीं ? तभी जाकर ipo में apply करे |

IPO Issue की कीमत क्या होती है?

IPO issue का मूल्य है वह मूल्य है जिस पर primary market में आईपीओ मंगाई जाती हैं। 

मैं ipo stock कब खरीद सकता हूं?

जब ipo की लिस्टिंग सेकेंडरी मार्केट में हो जाती है और उसके शेयर एक्सचेंज पर ट्रेड होने लगते हैं तब आप उन्हें खरीद ये बेच सकते हैं |

क्या आप public होने से पहले IPO खरीद सकते हैं?

हाँ, आप खरीद सकते हैं। इसका एक फायदा यह होता है कि आप एक निश्चित मूल्य पर शेयर खरीद सकते हैं। आप अपने ब्रोकर की मदद ले सकते हैं जो प्री–आईपीओ बिक्री में माहिर होते है।

मैं नए ipo के बारे में जानकारी कहा से प्राप्त करू ?

आज के समय में ipo के बारे में जानकारी प्राप्त करना बहुत ही आसन हो गया है जैसे ही ipo आने वाला होता है आपको अपने ब्रोकर से इसकी सुचना मिल जाएगी उसके बाद finace से जुड़े कुछ बेहतरीन वेबसाइट पर जाकर आप उसके बारे में पता कर सकते हैं जैसे moneycontrol, economic times इत्यादि | या फिर गूगल पर सर्च करने पर आपको बहुत से वेबसाइट मिल जायेंगे जिन्होंने उसके बारे में लिख रखा हो |

क्या मैं आईपीओ के लिए दो बार आवेदन कर सकता हूं?

नहीं, आप  एक ही नाम, पैन नंबर और उसी Demat Account के साथ कई बार आवेदन नहीं कर सकते, पता चलने पर आपका आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। परन्तु आप अलग – अलग demat अकाउंट और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से आवेदन कर सकते हैं |

क्या आईपीओ के लिए UPI अनिवार्य होता है?

नहीं, यह अनिवार्य नहीं होता है, लेकिन अब आप यूपीआई आईडी का इस्तेमाल करके आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं। यूपीआई को सेबी द्वारा आईपीओ के लिए आवेदन करने के एक नए माध्यम के रूप में स्वीकार किया जाता है।

मैं IPO में allotment मिलने की चांस को कैसे बढ़ा सकता हूँ ?

 आप निम्न चरणों का पालन कर allotment मिलने के चांस को बढ़ा सकते हैं —
IPO apply करने के लिए अलग-अलग डीमैट अकांउट का इस्तेमाल करें |
– अपने चांस को बढ़ाने के लिए दी गयी बोलियों पर कट ऑफ बोलियां को चुनें
अंतिम समय में ipo में apply करने का प्रयास न करे , हो सके तो शुरू के apply करे |
छोटी- मोटी गलतियों पे ध्यान दे और ठीक से apply करे इससे आपका आवेदन अस्वीकार हो सकता है |

मैं IPO offline कैसे खरीद सकता हूं?

Online प्रक्रिया ने ipo के लिए आवेदन करना आसान और तेज़ बना दिया है, लेकिन यदि आप अभी भी offline apply करना चाहते हैं निचे दिए गए निर्देशों का पालन करे-
अपने ब्रोकर से आईपीओ आवेदन पत्र प्राप्त करें या इसे NSE/BSE वेबसाइट से डाउनलोड करें
form को ठीक तरीके से भरे बैंक विवरण, डीमैट विवरण, पैन कार्ड नंबर, और कट–ऑफ मूल्य जैसे आवश्यक विवरण के साथ फॉर्म भरें |
अपने ब्रोकर या ASBA (अवरुद्ध राशि द्वारा समर्थित अनुप्रयोग) सुविधा के साथ  बैंक के द्वारा आवेदन को जमा करें |

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