Investment in gold : सोने में निवेश करना कितना सही ?

Investment in gold in India

भारत दुनिया का ऐसा देश है जहाँ सबसे ज्यादा सोने की खपत होती है | यहाँ लोग सोने के जेवर-आभूषण बना कर पहनते भी हैं और निवेश के लिए भी सोने को चुनते हैं | एक अनुमान के मुताबिक दुनिया की कुल खपत का एक चौथाई सोना भारत में खपत किया जाता है |

आज भी छोटे गाव – देहात में निवेश के लिए जमीन – जायदाद के बाद लोगों की दूसरी पसंद सोना ही है चाहे वो आभूषण बनाना हो या किसी पर्व –त्यौहार पर एक परम्परा के तौर पर सोने के सिक्के खरीद कर घर में रखना हो | लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं क्योकि उनका मानना है की किसी भी प्राकृतिक आपदा में अगर साथ में कुछ न ले जा सके और उन्हें घर छोड़ना पड़े तो कम से कम वे साथ में अपने द्वारा ख़रीदे गए सोने के सिक्के तो साथ में अवस्य ले जा सकते हैं, यही सोच कर आज भी बहुत से लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं |

हालांकि अगर return की बात करें तो सोने ने कुछ ख़ास return नहीं दिया है कोरोना के बाद के समय को छोड़ दिया जाए तो पिछले कई सालों तक सोने के rate में कुछ खास बदलाव नहीं आया था यह 30,000 से 32000 रूपये के बीच ही घूमता रहता था |

investment in gold
investment in gold

लेकिन कोरोना के बाद से सोने की कीमत में अच्छा उछाल आया है और अब इसकी कीमत 40-42 हज़ार के ऊपर ही बनी रहती है |

हालाकिं Gold के rate रोज बदलते रहते हैं गोल्ड के rate में उतार – चढ़ाव बहुत से कारणों पर निर्भर

 करता है जैसे Demand and supply, global market conditions , मुद्रा में बदलाव ( currency fluctuations) इत्यादि कुछ कारण है आपने अकसर सुना होगा जब शेयर market में गिरावट बढती है तो लोग वहां से पैसा निकाल कर गोल्ड में invest करना शुरू कर देते हैं |

पिछले एक सालों में सोने की कीमत (Historical Gold Price in India)

महिनासोने का निचला स्तर (Lowest Price 24 Karat Gold – ₹ Per 10 Grams)सोना का उंचा स्तर (Highest Price 24 Karat Gold – ₹ Per 10 Grams)
   
April 202247,80052,140
   
March 202250,95054,330
   
February 202248,98051,550
   
January 202248,39049,860
   
December 202149,65048,340
   
November 202150,07048,760
   
October 202147,24048,970
   
September 202146,87048,390
   
August 202147,19051,430
   
July 202147,92051,710
   
June 202147,71052,650
   
May 202147,00051,000
   
April 202140,42050,860
   
March 202145,39049,310
   
February 202149,27052,320
   
January 202149,58054,710

होलमार्क किये गए सोने की कीमत का निर्धारण (Hallmarked Gold Gold prices in India)

सोना (Gold) खरीदते समय अकसर होलमार्क वाला सोना (Hallmarked Gold) खरीदने की सलाह दी जाती है | वस्तुतः देखा जाये तो सोने की कीमत और होलमार्क वाले सोने की कीमत में कोई अंतर नहीं रहता, होलमार्क सिर्फ यह बतलाता है की आप का सोना कितना खरा है मतलब उसमे कितनी अशुधियां हैं | सोने में उपलब्ध अशुद्धियों के आधार पर सोने पर अलग – अलग होलमार्क लगाया जाता है जिनसे उनके कीमत तय होती है |

उदाहरण के लिए 24 कैरट वाला सोना सबसे शुद्ध माना जाता है इसलिए उसकी कीमत सबसे ज्यादा होती है ये सोना ज्यादातर सिक्के (Gold Coins) और सोने के बिस्कुट (Gold Biscuits) में आता है |

उसके बाद आता है 22 कैरट Gold , जिसमे 24 कैरट gold की तुलना में ज्यादा अशुदियाँ रहती हैं और इसकी कीमत भी उससे कम होती है इसका प्रयोग ज्यादातर आभूषण बनाने में किया जाता है | इसके अलावे भी और निचे के 20 कैरट, 18 कैरट इत्यादि आते हैं जिनमे बहुत ज्यादा अशुदियाँ होती हैं और इनकी कीमत (gold price in india) भी उनकी तुलना में कम होती है |

किन कारणों से सोने की कीमत बढ़ते और घटते हैं (Some of the factors that determine Gold Prices)

ब्याज दर (Interest Rates)

ब्याज दर सोने की कीमत के बढ़ने और घटने में अहम् भूमिका निभाते हैं जब भी अमेरिका में FED अपना ब्याज दर बढ़ाने की घोषणा करता है उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है भारत में भी सोने की कीमत (gold price in India ) में गिरावट दर्ज की जाती है |

Global Factors

ग्लोबल factor के तहत बहुत से कारण है जिनसे सोने की कीमत में उतार चढ़ाव आता है जैसे युद्ध शुरू होने पर सोने की कीमते बढती है , दुनिया के शेयर बाज़ार के गिरने पर सोने की कीमत में उछाल आता है , किसी बड़ी महामारी जैसे कोरोना के समय में सोने की कीमत अपने सर्वाधिक ऊँचे स्तर (all time high) पर पहुँच गया था, Global politics और economy भी सोने की कीमत को प्रभावित करती है |

मुद्रा (Currency) – जब- जब भारतीय रूपये विदेशी मुद्रा डॉलर के सामने कमजोर होता है तो सोने की कीमत में तेजी देखी जाती है |

Global Demand-

Demand और supply भी सोने की कीमत पे असर डालती है अगर वैश्विक बाज़ार में सोने के मांग ज्यादा हो और आपूर्ति कम हो तो high demand के चलते सोने की कीमत बढ़ेगी जिसके चलते भारत में भी सोने की कीमतों (Gold price in india) में उछाल आयगा |

भारत में सोने का आयत (Gold Import in india)

जैसा की हम जानते है भारत में सोने की बहुत ज्यादा खपत है भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बाहर से सोने का आयात करता था |

हालांकि भारत में भी कुछ जगहों से सोने का उत्पादन होता है लेकिन अब या तो वे बंद हो चुके हैं या वहां से बहुत कम मात्रा में सोना निकलता है | जो देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है |

भारत में सोने का आयत कुछ प्राइवेट कंपनियों, कुछ सरकारी और प्राइवेट बैंकों के द्वारा किया जाता है उनमे से प्रमुख हैं – State bank of India, Bank of Baroda, Punjab National Bank, Bank of India, Yes Bank, Union bank of India, Minerals and Metal Trading Corporation of India इत्यादि |

आप साथ में बाहर से कितना सोना ला सकते है ?

भारतीय नियम की अनुसार कोई भी पुरुष यात्री अपने साथ में बाहर से (विदेशों) 50,000 रूपये कीमत तक का सोना साथ में ला सकता है वहीँ एक महिला यात्री अपने साथ 1 लाख रूपये तक का सोना ले कर आ सकती है | परन्तु नियम के तहत एक व्यापारी ज्यादा से ज्यादा 1 किलो तक का सोना बाहर से ला सकता है लेकिन आपको उसपर शुल्क देना होगा जो उस समय सोने की कीमत और उसके वैल्यू के आधार पर तक किया जायेगा |

सोने की मांग में तेजी (Gold demand in india)

भारत में हमेशा से सोना लोगों की पसंद रही है पिछले कुछ सालों में सोने की मांग में और ज्यादा तेजी देखी गयी है | लेकिन अब लोगों के पास बाज़ार से सीधा सोना खरीदने की बजाय Gold ETF और E Gold में भी निवेश करने की सुविधा उपलब्ध है और लोग धीरे-धीरे इसे अपना भी रहें हैं |

Sovereign Gold Bond Scheme

घर में सोना खरीद कर रखने से उसके चोरी होने का खतरा बना रहता है , अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो भारत सरकार की एक scheme के तहत आप सोने में Sovereign Gold Bond Scheme के द्वारा निवेश कर सकते हैं | इस्पे 2.75 फीसदी तक का इंटरेस्ट भी दिया जाता है |

Sovereign Gold Bond की कीमत पूरी तरह से भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा तय होती है | अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो इसे आप पोस्ट ऑफिस या कुछ commercial banks से खरीद सकते हैं | या फिर आप इसमें online भी निवेश कर सकते हैं अगर आप के पास demat account है तो आप वहां से भी इसे खरीद सकते हैं |

हालाकि Sovereign Gold Bond से जो भी ब्याज दर आपको मिलती है उसपे टैक्स अलग से लगता है |

सोने को रखने की जगह (Storing Gold in india)

सोने के खरीदारी के बाद हमेशा इसके चोरी होने का खतरा बना रहता है तो इसे अगर घर में न रखे तो रखें कहाँ ? बहुत से लोग सोने को घर की बजाय bank locker में रखना पसंद करते हैं हलाकि बैंक locker की सुविधा लेना थोरा महंगा पड़ता है लेकिन फिर भी अपने कीमती सामान की सुरक्षा के लिए इसकी सुविधा ली जा सकती है

इसके अलावे अगर आप सोने को physically न खरीद कर आप इसे electronic form में ETF के माध्यम से भी खरीद कर रख सकते हैं |

सोने के सिक्के कैसे खरीदें (How to purchase gold coins)

सोने के सिक्के खरीदते समय सबसे ज्यादा जरुरी है इसकी शुद्धता जो उसपर लगे होलमार्क से पता चलता है लेकिन बाज़ार में बिना होलमार्क के भी सोने के सिक्के (gold coins) बिकते है | सोने के सिक्के खरीदने के लिए आप सीधे बैंक से भी संपर्क कर सकते हैं कुछ बैंक सोने के सिक्के बेचते हैं आप चाहे तो 10 ग्राम के सोने के सिक्के खरीद सकते हैं | इसके अलावे इन्हें बाज़ार से jewellery shop से भी ख़रीदा जा सकता है |

भारत में सोने की कीमते बढाने और घटाने वाले कारक (Factors Affecting Gold Price in India)

जब भी वैश्विक बाज़ार में सोने की कीमत बढती है तो भारत में भी सोने की कीमतों में उछाल आता है इसके अलावे भी बहुत से कारण हैं जो भारत में सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं –

Global economic stability:

वैश्विक पटल पर जब भी economy में अस्थिरता देखी जाती है इसका सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ता है, जब भी कोई बड़ी crisis आती है या फिर युद की स्थिति बनती है, economy को खतरा महसूस होता है ऐसे कंडीशन में लोग निवेश का सुरक्षित तरीका अपनाते हैं और gold में निवेश करना शुरू कर देते हैं जिससे सोने की कीमते बढ़ने लगती हैं |

Import costs:

बाहर से सोने के आयात पर सरकार द्वारा import cost लगता है जब भी इसे बढाया जाता है इसका सीधा असर भारत में सोने की कीमत पर पड़ता है भारत में सोने की कीमते बढ़ जाती है |

Interest rates on bank fixed deposits:

देश में अभी भी बहुत से लोग bank fixed deposits में निवेश करना पसंद करते हैं अगर fd की दरो को घटाया जाता है तो लोग इसके एवज में सोने में निवेश करने लगते है जो सोने की कीमत बढ़ने का एक कारण है |

Strength in the US dollar:

जब भी अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है भारत में सोने की कीमते गिरती है वही अगर अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो सोने की कीमतों में तेजी आती है | इसका कारण है अमेरिकी सेंट्रल बैंक डॉलर की कमजोरी के समय रिस्क को कम करने के लिए सोने में निवेश करने लगते हैं जिससे सोने की कीमतें बढती हैं और इसका असर भारत में भी सोने की कीमतों पर पड़ता है |

Seasonality/ Festival Season:

भारत में लोग कुछ सीजन में त्योहारों पर सोने में खरीदारी करते हैं जैसे अक्षय त्रित्त्या और धनतेरस इन पर्व के समय भी सोने की कीमतों में तेजी आ जाती है |

Inflation: 

बढती महंगाई का भी असर सोने की कीमत पर पड़ता है कुछ लोग महंगाई बढ़ने पर भी सोने में खरीदारी करते हैं | आम तौर पर कच्चे तेल में तेजी आने पर भारत जैसे देश जो अपनी जरूरतों का 80-85 फीसदी कच्छा तेल आयात करते हैं कच्चे तेल में तेजी आने से भी सोने के कीमत में तेजी आती है |

Production costs:

समय- समय पर mining कंपनियां भी अपने उत्पादनों के कीमतों में इजाफा करती रहती हैं जिससे भी सोने की कीमत पर असर पड़ता है |

Supply:

भारत में घरेलु स्तर पर बहुत कम सोने का उत्पादन होता है और कम उत्पादन और ज्यादा मांग कभी – कभी सोने की कीमत में इजाफे का कारण होता है |

अलग – अलग शहरों में सोने की अलग-अलग कीमतों के कारण (Gold Rate is Different in Different Cities in India)

अकसर आपको अलग- अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर नजर आइयेगा, आइये जानते हैं इनके पीछे के कारण

Demand : अलग-अलग आबादी के आकार और अलग-अलग क्षेत्रों के जनसँख्या के कारण, सोने की मांग भी बदलती रहती है। आमतौर पर बड़ी मात्रा में छूट की पेशकश की जाती है। इसलिए बड़ी मात्रा में लेन-देन को देखते हुए मुंबई जैसे शहरों में सोने की कीमतें कम हैं।

Taxes : सभी राज्य सरकारें सोने पर टैक्स लगाती है कुछ सरकारें ज्यादा टेक्स लेती हैं तो कुछ कम, जिसके चलते भी आपको अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर नजर आयेगा |

Carriage : भारत में अधिकतर सोना समुन्द्र के रास्ते आयात किया जाता है जो पोर्ट तक पहुचता है फिर वह से अलग- अलग शहरों तक पहुचता है इसके चलते पोर्ट के नजदीक सोने की कीमते सस्ती होती हैं और वहां से दूर के क्षेत्रों में लगने वाले भाड़े के चलते भी सोने की कीमत में अंतर पाया जाता है |

Local associations: सभी शहरों में सोने के कारोबार करने वाले लोगों का अलग संगठन होता है और कभी – कभी उनकी आपसी मिली भगत के चलते भी सोने की कीमत में अंतर पाया जाता है |

सोने की माप (Gold Measurements)

सोने की माप ग्राम, तोला और troy में की जाती है कुछ छोटे गाँव और कसबो में सोने की माप के लिए “भरी” शब्द का भी प्रयोग किया जाता है जिसे ज्यादातर क्षेत्रों में तोला के नाम से जाना जाता है 1 तोला 11.66 ग्राम के बराबर होता है |

पुराने ज़माने में लोग सोने को मापने के लिए एक सिक्के का प्रयोग करते है जिसका वजन 11.66 ग्राम होता था उसी के बराबर सोना नाप कर दिया जाता है जिसे 1 तोला सोना कहा जाता था | बहुत जगह अभी भी लोग बोलचाल की भाषा में तोला शब्द का प्रयोग करते हैं |

troy का प्रयोग बड़ी मात्रा में सोने के माप के लिए किया जाता है इसके लिए अलग- अलग इकाईओं का प्रयोग किया जाता है जैसे – Troy ounces, million ounces, grams, kilograms, tones, short tone, metric tones इत्यादि |

Carat  और  Karat में अंतर

Carat  – carat कीमती रत्नों को नापने के एक यूनिट है जिसका प्रयोग अकसर हिरा, मोती इत्यादि नापने के लिए किया जाता है 200 मिलीग्राम या 0.2 ग्राम एक metric carat होता है | अकसर लोग इस गलती से साइज़ मापने  का यूनिट समझ बैठते हैं | Carats को short form में  ct लिखा जाता है |

Karat : कैरेट सोने की शुद्धता नापने का एक यूनिट है जिसमे 24 कैरेट का मतलब होता है पूरी तरह शुद्ध सोना, यह थोरा लचीला’ माना जाता है इससे पतले आभूषण बनाने पर टूटने का डर रहता है | इसलिए आभूषण बनाने हेतु 22 कैरेट के सोने का प्रयोग किया जाता है जिसमे 22 भाग सोना होता है और 2 भाग इसमें मजबूती देने के लिया कॉपर को मिलाया जाता है | Karat को short form में kt से सूचित किया जाता है |

Difference Between 22k and 24k Gold

24 karat gold में 99.9% सोना होता है जिसे पूरी तरह से शुद्ध या खरा सोना माना जाता है जबकि 22 karat के सोने में सोने की मात्रा 91.67% बाकी इसमें मिश्र धातु मिलाया जाता है |

24 karat के सोने में ज्यादा शुद्धता के कारण इसकी कीमत 22 karat से ज्यादा होती है लेकिन अधिकतर लोग आभूषण के लिए 22 karat के सोने का ही प्रयोग करते हैं क्योकि यह ज्यादा मजबूत होता है | परन्तु 24 karat के सोने पर लगने वाला import duty 22 karat के सोने की तुलना में कम लगता है |

Demand for Gold in India

सोने के खपत में भारत दुनिया में सबसे आगे है यहाँ जायदातर खपत आभूषण बनाने में किया जाता है इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सोने में निवेश भी करते हैं जिसके चलते हमेशा सोने की demand बनी रहती है | दुसरे नंबर पर खपत के मामले में चीन है लेकिन वह ज्यादातर सोने का प्रयोग इंडस्ट्री में किया जाता है , जबकि भारत में इंडस्ट्री में सोने का बहुत कम प्रयोग किया जाता है |

भारत में घरेलु तौर पर सोने का बहुत कम उत्पादन होता है भारत में लम्बे समय से सोने का उत्पादन कर्नाटक स्थित कोलार खान (Kolar mines) से किया जाता था, एक रिपोर्ट के मुताबिक वहां से सोना अंग्रेजो के समय से ही निकाला जा रहा है लेकिन अभी उस कोलार खान की अत्यधिक गहराई के चलते सोने को निकालने वाला खर्च बहुत ज्यादा बढ़ गया है इसलिए वहां उत्पादन रोक दिया गया है | हाल ही में इस Kolar Mines में मजदूरों के हालत पर एक फिल्म भी बनी थी KGF Movie जो काफी ज्यादा प्रचलित हुई थी |

सोने की अत्यधिक मांग के चलते भारत भारी मात्रा में सोने का आयात दुसरे देशों से करता है | भारत कच्चे तेल के बाद सबसे ज्यादा आयात सोने का करता है | परन्तु इसके चलते economy पर पड़ने वाले negative प्रभाव के चलते सरकार इस पर नजर रख रही है |

Indian gold reserves

भारत में एक बड़ी मात्रा में सोना रिज़र्व बैंक के पास रखा रहता है भारतीय economy को सही तरीके से सुदृढ़ बनाये रखने के लिए कोई भी देश उतना ही मुद्रा को चाप सकता है जितने वैल्यूएशन का उसके पास सोना हो | अगर कोई देश ज्यादा मात्रा में अपनी मुद्रा प्रिंट करता है तो उसके मुद्रा की वैल्यू लगातार गिरती जाती है जिसके चलते उसकी economy खतरे में आ जाती है |

इसलिए वैश्विक स्तर पर मुद्रा के वैल्यूएशन को बनाये रखने के लिए देश के पास उतने सोने का रिज़र्व होना चाहिए |

सोने पर लगने वाले टैक्स (Taxes on Gold in india)

भारत में ज्यादातर सोना बाहर से मंगाया जाता है, जिसपर सरकार सीमा शुल्क (import duty) लगाती है । सोने पर देय सीमा शुल्क सोने के कुल मूल्य का 10% है। इसके अलावा अगर आप ख़रीदे गए सोने का आभूषण बनवाते हैं तो बनवाने पर 5% GST अलग से लगता है |

केंद्र सरकार के मुताबिक ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को केवल वजन के अनुसार कीमत, बनाने का चार्ज (making charge) और 3 फीसदी GST देना होगा , इसके अलावे कोई चार्ज नहीं लगेगा |

Income Tax on Gold

सरकार ने सोने के खरीद और बेचने दोनों पर टैक्स लगा रखा है चाहे आ सोने को ख़रीदे ये बेचे आपको टैक्स देना ही पड़ेगा, लेकिन दोनों के लिए अलग- अलग नियम बनाये गएँ हैं –

अगर आप सोना खरीदते हैं और खरीदने के 36 महीनो के अन्दर सोने को बेचते हैं तो आपको इसपर short term capital gain tax देना होगा |

अगर आप सोना खरीदी गई अवधि से 36 महीने के बाद बेचते हैं तो आपको इसपर LTCG (long term capital gain tax) देना होगा , जिसके अंतर्गत आपको 4% cess मिलकर कुल 20.8 फीसदी का टैक्स देना पड़ता है |

50,000 रूपये से कम कीमत का सोना अगर गिफ्ट के रूप में दिया जाए तो उसपर कोई टैक्स नहीं लगता |

अगर सोने को बेचते समय आप ख़रीदे गए कीमत से कम कीमत पर बेच रहें हैं और आपने इसपर कोई return नहीं कमाया है तो इस पर आप को टैक्स नहीं लगेगा, क्योकि यह एक ऐसी श्रेणी के अन्दर हैं जिसमे आपको capital loss ही हुवा है |

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